Sunday, October 6, 2013

तो अब जेल में राजनीति पढ़ाएंगे लालू !

पांच साल की सजा पा चुके लालू प्रसाद यादव के लिए अब रांची की बिरसामुण्डा सेन्ट्रल जेल नया ठिकाना होगी। बिहार और देश में अपने तरह की राजनीति सिखानेवाले लालू यादव जेल में भी राजनीति का ही पाठ पढ़ायेंगे। देश को राजनीति का पाठ पढ़ाने पर भले ही उन्हें जेल नसीब हुई हो लेकिन यहां रोजाना के हिसाब से उनके खाते में 25 रूपये जुड़ेंगे। जेल के सुपरिटेण्डेन्ट वीरेन्द्र कुमार सिंह के अनुसार उनकी अवस्था को देखते हुए उन्हें यही काम करने के लिए दिया गया है। 

चारा घोटाला के एक मामले में पांच साल की सजा पाए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अब बिरसा मुण्डा जेल के कैदी नंबर 3312 हैं। लालू यादव कैदियों को राजनीति शास्त्र और मैनेजमेंट का ज्ञान देंगे। लालू को उनकी मर्ज़ी से ये काम दिया गया है। गौरतलब है कि लालू यादव ने पटना के बिहार नैशनल कॉलेज से राजनीतिशास्त्र में डिग्री ली थी। बाद में उन्होंने पटना लॉ कॉलेज से अपनी वकालत की पढ़ाई पूरी की थी। हालांकि, लालू की क्लास कब और कहां लगेगी यह अभी तय नहीं है।

बिरसा मुण्डा जेल में इस वक्त कुल 3000 के करीब सजायाफ्ता कैदी हैं जिसमें कुछ सजायाफ्ता तो कुछ का मामला अदालतों में विचाराधीन है। बिरसामुण्डा जेल में बंद कैदियों में करीब 200 कैदी ऐसे हैं जो इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो 100 कैदी ग्रेजुएट होने जा रहे हैं। 50 कैदी ऐसे हैं जो पोस्ट ग्रेजुएट की परीक्षा में बैठेंगे। लालू यादव क्योंकि खुद राजनीतिशास्त्र के विद्यार्थी और राजनीति के ही खिलाड़ी रहे हैं इसलिए वे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक राजनीति की पाठशाला लगाएंगे।

लालू यादव इससे पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं। छात्र आंदोलन के समय में भी वे दो साल जेल रह चुके हैं तो जयप्रकाश नारायण आंदोलन में भी वे डेढ़ साल जेल में थे। चारा घोटाले में भी वे डेढ़ साल के करीब जेल में गुजार चुके हैं लिहाजा उन्हें जाननेवाले उनके करीबियों का कहना है कि लालू जेल में समय बिताना जानते हैं। हालांकि इस बार जब वे जेल गये हैं तो उनकी उम्र 67 की हो चुकी है। जाहिर है जवानी की जेल यात्रा ने अगर लालू को नित नई उचाईंया दी तो बुढ़ापे की यह जेल यात्रा उनके और उनकी राजनीति दोनों के लिए तकलीफदेह ही साबित होगी।

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